
फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्रकरण: नम्रता सिंह के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच समिति गठित
मानपुर मोहला (विशेष संवाददाता):
मानपुर मोहला में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की जिला अध्यक्ष और वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह पर जाति प्रमाण पत्र को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला जिला पंचायत चुनाव के दौरान भी सामने आया था, जब इस पर आपत्ति दर्ज की गई थी। हालांकि, उस समय संबंधित अधिकारियों द्वारा इसे नजरअंदाज कर दिया गया। अब मानपुर निवासी विवेक सिंह की शिकायत के बाद इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।
संविधान के अनुसार, किसी भी महिला का जाति प्रमाण पत्र उसके पिता की जाति के अनुसार ही जारी किया जाता है। नम्रता सिंह के पिता नारायण सिंह, जो ओडिशा कैडर के पूर्व IAS अधिकारी रहे हैं, का पूरा परिवार ओडिशा में ही निवास करता है। नारायण सिंह का जाति प्रमाण पत्र भी ओडिशा से ही जारी है, और परिवार का मोहला क्षेत्र से कोई सीधा संबंध नहीं रहा है।
इसके विपरीत, जिला पंचायत चुनाव के दौरान नम्रता सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया जाति प्रमाण पत्र मोहला के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया दिखाया गया है, जिस पर अब कानूनी और प्रशासनिक सवाल खड़े हो गए हैं। यह प्रमाण पत्र किस आधार पर और किन दस्तावेजों के सहारे जारी किया गया, यह जांच का मुख्य विषय है।
शिकायतकर्ता विवेक सिंह ने कहा है कि, “अब समय आ गया है कि दूध का दूध और पानी का पानी हो। अगर फर्जीवाड़ा हुआ है, तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
जांच समिति अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि प्रमाण पत्र किस प्रक्रिया के तहत जारी हुआ और क्या उसमें नियमों का उल्लंघन हुआ है।
यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह मामला न सिर्फ सत्ता की नैतिकता पर सवाल खड़ा करेगा, बल्कि कानूनी कार्यवाही की भी संभावनाएं प्रबल होंगी।



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