लैलूंगा में साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला: HDFC खाताधारक के खाते से पल भर में उड़ गए 2 लाख 61 हजार, शहर में मचा हड़कंप

लैलूंगा में साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला: HDFC खाताधारक के खाते से पल भर में उड़ गए 2 लाख 61 हजार, शहर में मचा हड़कंप

लैलूंगा (रायगढ़)
डिजिटल इंडिया के दौर में जहां एक ओर ऑनलाइन बैंकिंग ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधियों ने आम नागरिकों की नींद उड़ा रखी है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला और चौंकाने वाला मामला थाना लैलूंगा क्षेत्र से सामने आया है, जहां HDFC बैंक शाखा लैलूंगा के एक खाताधारक फ्लेस्वर पैंकरा वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी लैलूंगा के खाते से मात्र कुछ ही मिनटों में 2 लाख 61 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली गई। इस घटना के बाद पीड़ित ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित खाताधारक के HDFC बैंक खाता क्रमांक 50100711642211 से दिनांक 12 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 9:13 बजे बिना उसकी जानकारी और अनुमति के दो अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से भारी राशि निकाल ली गई।
पहले ट्रांजेक्शन में RTGS (HDFC-52026011255852958) के माध्यम से ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) और दूसरे ट्रांजेक्शन में IMPS (601209197179) के जरिए ₹61,000 (इकसठ हजार रुपये) की राशि आहरित की गई। इस प्रकार कुल ₹2,61,000 (दो लाख इकसठ हजार रुपये) की रकम साइबर ठगों ने उड़ा ली।

पीड़ित का साफ कहना है कि यह दोनों ट्रांजेक्शन उसने स्वयं नहीं किए, न ही उसने किसी को ओटीपी, पिन या बैंकिंग जानकारी साझा की। न ही किसी को चेक काट के दिये। इसके बावजूद खाते से रकम निकल जाना बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित के होश उड़ गए और उसने तत्काल कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जिसका शिकायत क्रमांक 33301260001150 है।

इतना ही नहीं, पीड़ित ने HDFC बैंक की हेल्पलाइन 18002586161 पर भी तुरंत शिकायत दर्ज कराई, जहां से उसे Case Reference Number 91512290 प्रदान किया गया। बावजूद इसके, अब तक राशि वापस न मिलने से पीड़ित मानसिक तनाव और आर्थिक चिंता से जूझ रहा है।

मामले को लेकर पीड़ित ने थाना प्रभारी, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़ को लिखित आवेदन देकर प्राथमिक सूचना दर्ज कर उचित जांच एवं ठगी गई राशि की वापसी की मांग की है। आवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह एक सुनियोजित ऑनलाइन ठगी है, जिसमें किसी अज्ञात व्यक्ति या गिरोह द्वारा बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग किया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लैलूंगा क्षेत्र में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन अब तक बड़े स्तर पर ठोस कार्रवाई न होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। आम नागरिक सवाल कर रहे हैं कि जब बैंक और डिजिटल प्लेटफॉर्म “100% सुरक्षित” होने का दावा करते हैं, तो फिर ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं?

यह मामला न केवल एक व्यक्ति की मेहनत की कमाई लूटे जाने का है, बल्कि साइबर सुरक्षा, बैंकिंग निगरानी और पुलिस कार्रवाई की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि पुलिस और बैंक प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तेजी और प्रभावशीलता से कार्रवाई करते हैं, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसे अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।

यह घटना सभी बैंक उपभोक्ताओं के लिए एक कड़ा संदेश है—सावधान रहें, सतर्क रहें, क्योंकि एक छोटी सी चूक आपकी जिंदगी भर की कमाई पल भर में लुटा सकती है।

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