73,555 किसानों के खातों में पहुँचे 15.91 करोड़! सालिक साय ने कहा- अब किसान करें मशरूम उत्पादन से अतिरिक्त कमाई

73,555 किसानों के खातों में पहुँचे 15.91 करोड़! सालिक साय ने कहा- अब किसान करें मशरूम उत्पादन से अतिरिक्त कमाई

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त के तहत जिले के 73,555 किसानों के बैंक खातों में कुल 15 करोड़ 91 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी गई है। यह राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसानों को उनके पंजीकृत बैंक खातों में भेजी गई, जिससे जिलेभर के कृषकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।

इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र किसान को हर चार महीने में ₹2,000 की सहायता दी जाती है। इस तरह एक साल में कुल ₹6,000 की राशि तीन किस्तों में मिलती है, जिसका उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संचालित इस योजना ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

कृषि उप संचालक ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी पात्र किसानों को समय पर लाभ दिलाने की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि “पीएम किसान निधि योजना के तहत 20वीं किस्त की राशि किसानों के खातों में भेज दी गई है। इसके अलावा विभाग का प्रयास है कि किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ अतिरिक्त आय सृजन के उपायों को भी अपनाएं, जैसे कि मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, सब्जी उत्पादन आदि।”

सालिक साय ने विशेष रूप से मशरूम उत्पादन का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान समय में यह कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला व्यवसाय बन गया है। “कई कृषक समूह व स्वयं सहायता समूह मशरूम उत्पादन से अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं। सरकार की ओर से इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और विपणन की भी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।”

उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की योजनाओं में अब नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसान जलवायु परिवर्तन और महंगी खेती से उबर सकें। जिले में कृषक प्रशिक्षण शिविर, प्रदर्शनी, और फार्म स्कूल के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा रहा है।

जिले के किसान हितग्राही ने बताया कि “पीएम किसान योजना से खेती-किसानी में बड़ी राहत मिली है। अब हम जैसे छोटे किसान भी बीज, खाद और जरूरी संसाधन समय पर जुटा लेते हैं।”

आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि “यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। हम कृषि विभाग से मशरूम उत्पादन में प्रशिक्षण लेने के लिए भी इच्छुक हैं।”

कुल मिलाकर यह स्पष्ट है कि सरकार की योजनाएं सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि किसान को आत्मनिर्भर और रोज़गार सृजक बनाने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है।

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